क्या आपके खेत में भी बिजली की भारी कटौती के कारण फसल सूख जाती है? या फिर हर महीने आने वाले महंगे बिजली बिल और डीजल के बढ़ते दामों ने आपका बजट बिगाड़ दिया है?
अगर आपका जवाब हाँ है, तो मध्य प्रदेश सरकार आपके लिए एक ज़बरदस्त राहत लेकर आई है। मध्य प्रदेश में किसानों को सिंचाई की इस बड़ी समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए cm solar pump योजना MP के आवेदन हुए शुरू 2026 के तहत अब फॉर्म भरने और पुराने आवेदनों को अपडेट करने का काम दोबारा चालू हो चुका है।
इस स्कीम के जरिए, जिसे अब आधिकारिक तौर पर “प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना” (पी.एम. कुसुम-बी) के नाम से जाना जाता है, आपको अपने खेत में सोलर पंप लगवाने पर 90% तक की भारी सब्सिडी मिल रही है। यानी आपको अपनी जेब से सिर्फ नाममात्र का पैसा खर्च करना है और आपके खेत को मुफ्त बिजली हमेशा के लिए मिल जाएगी।
प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना (PM-KUSUM B) क्या है?
सरल शब्दों में कहें तो यह मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की एक संयुक्त और बेहद महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत जिन इलाकों में बिजली के तार नहीं पहुंचे हैं या जहाँ खेती के लिए बिजली की चौबीस घंटे उपलब्धता नहीं है, वहाँ किसानों को सोलर पैनल और पंप दिए जाते हैं।
सरकार इस योजना के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दे रही है ताकि वे बिना किसी आर्थिक तंगी के साल में दो से तीन फसलें आसानी से उगा सकें। इस योजना के तहत मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (MPUVNL) नोडल एजेंसी के रूप में काम कर रही है।
सबसे महत्वपूर्ण शर्त: इस योजनांतर्गत कृषक को सोलर पम्प का लाभ इस शर्त पर दिया जाएगा कि कृषक की कृषि भूमि के उस खसरे या बटांकित खसरे पर भविष्य में विद्युत पम्प लगाये जाने पर उसको विद्युत प्रदाय पर कोई सरकारी अनुदान (Subsidy) देय नहीं होगा। कृषक द्वारा यह स्वप्रमाणीकरण भी दिया जाएगा कि वर्तमान में उस खसरे की भूमि पर कोई विद्युत पम्प संचालित या संयोजित नहीं है।
CM Solar Pump Yojana MP 2026 के मुख्य लाभ
इस योजना से जुड़ने के बाद एक किसान के जीवन में क्या बदलाव आते हैं, इसे समझना ज़रूरी है। सिर्फ मुफ़्त बिजली ही नहीं, इसके कई अन्य व्यावहारिक फायदे भी हैं।
- 90% तक की भारी बचत: सरकार की इस योजना के तहत बाजार मूल्य का एक बहुत बड़ा हिस्सा सब्सिडी के रूप में सरकार खुद वहन करती है और किसान को केवल 10% से 20% का अंश ही देना होता है।
- डीजल के खर्च से परमानेंट आजादी: ट्रैक्टर या जनरेटर से सिंचाई करने वाले किसानों का हर महीने हजारों रुपये का डीजल जल जाता है। सोलर पंप आने के बाद यह पूरा पैसा सीधे आपकी बचत में जाता है।
- दिन में सिंचाई की सुविधा: अक्सर रात के समय बिजली आने पर किसानों को कड़कड़ाती ठंड या सांप-बिच्छू के डर के बीच खेतों में पानी लगाना पड़ता है। सोलर पंप सिर्फ धूप में यानी दिन के समय चलता है, जिससे आपकी जिंदगी सुरक्षित और आसान हो जाती है।
- USPC कंट्रोलर का डबल फायदा: यदि आप एडवांस USPC कंट्रोलर वाला पंप चुनते हैं, तो जब आप खेत में सिंचाई नहीं कर रहे होंगे, तब उस सोलर पावर का उपयोग आप घर की बिजली जलाने या अन्य कृषि उपकरण चलाने में भी कर सकते हैं।
सोलर पंप के प्रकार और हितग्राही किसान का वास्तविक अंश (नया सरकारी डेटा)
सरकार ने इस बार पंपों की क्षमता (HP), उनके प्रकार (सर्फेस या सबमर्सिबल) और उनके कंट्रोलर (Normal या USPC Controller) के आधार पर किसानों का वास्तविक हिस्सा (अंश) तय किया है।
नीचे दी गई ऑफिशियल तालिका से आप अपने खेत की गहराई और जरूरत के हिसाब से सही पंप चुन सकते हैं और देख सकते हैं कि आपको कितनी रकम जमा करनी होगी:
| क्र. | सोलर पंपिंग सिस्टम के प्रकार | हितग्राही किसान अंश (रु.) | डिस्चार्ज क्षमता (लीटर में प्रतिदिन) व हेड डिटेल्स |
| 1 | 1 एच.पी. डी.सी. सरफेस (Normal Controller) | ₹12,427/- | 10 मीटर के लिए 99,000 लीटर (शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 12 मी.) |
| 2 | 1 एच.पी. डी.सी. सबमर्सिबल (Normal Controller) | ₹13,713/- | 30 मीटर के लिए 45,600 लीटर (शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 45 मी.) |
| 3 | 2 एच.पी. डी.सी. सरफेस (Normal Controller) | ₹15,574/- | 10 मीटर के लिए 1,98,000 लीटर (शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 12 मी.) |
| 4 | 2 एच.पी. डी.सी. सबमर्सिबल (Normal Controller) | ₹15,574/- | 30 मीटर के लिए 68,400 लीटर (शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 45 मी.) |
| 5 | 3 एच.पी. डी.सी. सबमर्सिबल (Normal Controller) | ₹20,968/- | 30 मी. के लिए 1,14,000 लीटर | 50 मी. के लिए 69,000 लीटर | 70 मी. के लिए 45,000 लीटर |
| 6 | 3 एच.पी. डी.सी. सबमर्सिबल (USPC Controller) | ₹43,728/- | 30 मी. के लिए 1,14,000 लीटर | 50 मी. के लिए 69,000 लीटर | 70 मी. के लिए 45,000 लीटर |
| 7 | 5 एच.पी. डी.सी. सबमर्सिबल (Normal Controller) | ₹30,289/- | 50 मी. के लिए 1,10,400 लीटर | 70 मी. के लिए 1,01,250 लीटर | 100 मी. के लिए 70,875 लीटर |
| 8 | 5 एच.पी. डी.सी. सबमर्सिबल (USPC Controller) | ₹57,914/- | 50 मी. के लिए 1,10,400 लीटर | 70 मी. के लिए 1,01,250 लीटर | 100 मी. के लिए 70,875 लीटर |
| 9 | 7.5 एच.पी. डी.सी. सबमर्सिबल (Normal Controller) | ₹41,537/- | 50 मी. के लिए 1,55,250 लीटर | 70 मी. के लिए 1,01,250 लीटर | 100 मी. के लिए 70,875 लीटर |
| 10 | 7.5 एच.पी. डी.सी. सबमर्सिबल (USPC Controller) | ₹76,009/- | 50 मी. के लिए 1,55,250 लीटर | 70 मी. के लिए 1,01,250 लीटर | 100 मी. के लिए 70,875 लीटर |
| 11 | 7.5 एच.पी. ए.सी. सबमर्सिबल (Normal Controller) | ₹41,537/- | 50 मी. के लिए 1,41,750 लीटर | 70 मी. के लिए 94,500 लीटर | 100 मी. के लिए 60,750 लीटर |
| 12 | 7.5 एच.पी. ए.सी. सबमर्सिबल (USPC Controller) | ₹78,331/- | 50 मी. के लिए 1,41,750 लीटर | 70 मी. के लिए 94,500 लीटर | 100 मी. के लिए 60,750 लीटर |
आवेदन के लिए जरूरी पात्रता (Eligibility Criteria)
सरकार ने इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ कड़े नियम तय किए हैं ताकि सही और हकदार किसान तक ही यह सब्सिडी पहुंचे:
- मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी: आवेदन करने वाला व्यक्ति अनिवार्य रूप से मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
- जमीन के दस्तावेज: किसान के नाम पर खेती योग्य जमीन (खसरा/खतौनी) होनी चाहिए।
- विद्युत कनेक्शन की स्थिति: वर्तमान में उस खसरे पर कोई भी चालू कनेक्शन नहीं होना चाहिए। केवल वही लाभार्थी मान्य होंगे जिनका नया कनेक्शन वित्तीय वर्ष 2023-2024 या 2024-2025 में हुआ हो।
- आधार-खसरा लिंकिंग: आपका चयनित खसरा नंबर आपके आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है। अगर ऐसा नहीं है, तो पोर्टल पर आपका आवेदन सबमिट नहीं हो पाएगा।
ऑनलाइन आवेदन और डेटा अपडेट करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
यदि आप एक नए किसान हैं या आपने पहले से पंजीकरण करा रखा है और अपने आवेदन में सुधार करना चाहते हैं, तो सरकार ने अब “किसान लॉगिन” के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को बहुत ही सुरक्षित और पारदर्शी बना दिया है।
स्टेप 1: किसान लॉगिन (Kisan Login)
- सबसे पहले योजना के ऑफिशियल पोर्टल https://cmsolarpump.mp.gov.in/ पर जाएं।
- अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें और “ओटीपी भेजें” बटन पर क्लिक करें।
- मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज कर “सत्यापित करें” पर क्लिक करें। इसके बाद स्क्रीन पर “आपका पुनः स्वागत है” का पॉपअप आएगा।
स्टेप 2: आधार ई-केवाईसी (Aadhaar E-KYC) अपडेट
- डैशबोर्ड पर पहुँचने के बाद “UPDATE AADHAAR EKYC” बटन पर क्लिक करें।
- अपना आधार संख्या या वर्चुअल आईडी दर्ज करें।
- ओटीपी का विकल्प चुनकर चेकबॉक्स को टिक करें और “Send OTP” पर क्लिक करें। ओटीपी डालते ही आपकी ई-केवाईसी जानकारी सफलतापूर्वक सुरक्षित हो जाएगी।
स्टेप 3: आवेदन की जानकारी में सुधार और बैंक विवरण
- डैशबोर्ड पर “आवेदन में सुधार करें” विकल्प पर क्लिक करें।
- यहाँ सिस्टम ई-केवाईसी के आधार पर आपका नाम, पिता का नाम, जिला, तहसील और गाँव का विवरण दिखाएगा।
- इसके बाद अपनी बैंक जानकारी को अपडेट करें। अपना नाम (जैसा पासबुक में है), खाता संख्या, सही IFSC कोड, बैंक का नाम और शाखा का नाम ध्यानपूर्वक भरें।
स्टेप 4: खसरा और विद्युत कनेक्शन की जानकारी दर्ज करना
- अपना जिला, तहसील और गाँव चुनकर खसरा क्रमांक का चयन करें।
- महत्वपूर्ण: यदि आपका खसरा आधार से लिंक नहीं होगा, तो पोर्टल पर एरर आएगा कि “कृपया योजना का लाभ लेने के लिए चयनित खसरे को अपने आधार से लिंक करें”।
- इसके बाद उक्त खसरे पर विद्युत कनेक्शन की स्थिति (स्थायी/अस्थायी/अविद्युतिकृत) का चयन करें और कनेक्शन नंबर डालकर Validate बटन पर क्लिक करें।
स्टेप 5: सोलर पंप की टेक्निकल जानकारी और फाइनल सबमिशन
- अब ड्रॉपडाउन से कंट्रोलर का प्रकार (सामान्य या USPC के साथ) चुनें।
- जल स्रोत का प्रकार (जैसे बोरवेल 6 इंच, 8 इंच या कुआँ) चुनें और भूमिगत जल व बोरवेल की कुल गहराई फीट में दर्ज करें।
- अपनी दैनिक पानी की आवश्यकता (लीटर में) और पैनल की दूरी भरें।
- सभी घोषणाओं (Declaration) को स्वीकार करें और “Submit” पर क्लिक करें। स्क्रीन पर हरे रंग के चेकमार्क के साथ “आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट किया गया है” का संदेश दिखाई देगा।
पंजीकरण शुल्क भुगतान (₹5000) की प्रक्रिया
आवेदन सबमिट हो जाने के बाद यदि आपकी पंजीकरण राशि लंबित है, तो डैशबोर्ड पर नीचे की तरफ “आवेदन पंजीकरण राशि जमा करने के लिए भुगतान करें” का बटन दिखाई देगा।
- इस बटन पर क्लिक करते ही आप पेमेंट गेटवे पर पहुंच जाएंगे।
- आप ₹5,000/- की यह राशि नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या यूपीआई (UPI) के माध्यम से ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
- भुगतान सफल होते ही रसीद जेनरेट हो जाएगी और आपका आवेदन स्क्रूटनी (Scrutiny) के लिए चला जाएगा।
- याद रखें: इस ₹5000 के शुल्क के बिना आपका LOA (Letter of Award) जारी नहीं किया जाएगा। एक बार शुल्क जमा होने के बाद आवेदन में कोई भी संशोधन संभव नहीं होगा।
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- आधार-खसरा मिसमैच होना: यदि आपके आधार कार्ड के नाम और जमीन के खसरे के रिकॉर्ड के नाम में कोई बड़ा अंतर है, तो आपका आवेदन सीधे ‘मिसमैच’ कैटेगरी में डाल दिया जाएगा और प्रक्रिया रुक जाएगी।
- बिना लिंकिंग के फॉर्म भरना: कई किसान बिना खसरे को आधार से लिंक कराए सीधे फॉर्म भरने बैठ जाते हैं, जिससे उनका आवेदन अंतिम चरण में रिजेक्ट हो जाता है। पहले लिंकिंग का काम पूरा करें।
- गलत बैंक खाता विवरण: सब्सिडी का कोई भी रिफंड या अन्य राशि सीधे आपके इसी खाते में आती है, इसलिए पासबुक को देखकर ही खाता संख्या और IFSC कोड भरें।
अगला कदम: अब आपको क्या करना चाहिए?
मध्य प्रदेश सरकार की यह स्कीम ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर चलती है और हर जिले का एक निश्चित कोटा होता है। यदि आप भी इस मानसून और आने वाली रबी-साख की फसलों में सिंचाई का पक्का इंतजाम करना चाहते हैं, तो आज ही अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें या पुराने आवेदन को अपडेट करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: यदि मेरा खसरा नंबर आधार से लिंक नहीं है, तो क्या मैं आवेदन कर सकता हूँ?
जवाब: नहीं। नए नियमों के अनुसार, जब तक आपका सोलर पंप हेतु चयनित खसरा आपके आधार से लिंक नहीं होगा, तब तक पोर्टल आपको आवेदन सबमिट करने की अनुमति नहीं देगा।
सवाल 2: क्या मैं रजिस्ट्रेशन फीस भुगतान के बाद अपने फॉर्म में कोई बदलाव कर सकता हूँ?
जवाब: बिल्कुल नहीं। एक बार ₹5000 की पंजीकरण राशि का ऑनलाइन भुगतान हो जाने के बाद, आवेदन पूरी तरह लॉक हो जाता है और उसमें किसी भी प्रकार का सुधार संभव नहीं है।
सवाल 3: इस योजना के तहत नॉर्मल कंट्रोलर और USPC कंट्रोलर में क्या अंतर है?
जवाब: नॉर्मल कंट्रोलर सिर्फ सोलर पंप चलाता है, जबकि USPC (यूनिवर्सल सोलर पंप कंट्रोलर) पंप न चलने की स्थिति में सोलर ऊर्जा से आपके घर की लाइट, पंखे या अन्य कृषि यंत्र चलाने की सुविधा भी देता है।
सवाल 4: क्या पुराने पंजीकृत किसान भी इसमें लॉगिन कर सकते हैं?
जवाब: हाँ, जो किसान पहले से पंजीकृत हैं, वे पोर्टल पर जाकर “किसान लॉगिन” विकल्प के माध्यम से अपने मोबाइल नंबर पर ओटीपी मंगाकर आसानी से लॉगिन कर सकते हैं और अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं।
आगे की राह
मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना (प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना) एमपी के किसानों के लिए डीजल और बिजली के संकट से बाहर निकलने का सबसे बेहतरीन जरिया है। नई सरकारी दरों और पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था का लाभ उठाएं, सही पंप का चुनाव करें और अपनी खेती को एक नई और आत्मनिर्भर दिशा दें। यदि आपको फॉर्म भरने में कोई तकनीकी समस्या आ रही हो, तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर हमसे जरूर पूछें!

