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कम बारिश और ज्यादा बारिश—दोनों हालात के लिए ICAR की खरीफ रणनीति

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खरीफ सीजन पूरी तरह से मानसून पर निर्भर करता है। कभी बारिश का लंबा सूखा तो कभी अचानक होने वाली भारी बारिश किसानों की मेहनत पर पानी फेर देती है। मौसम की इसी अनिश्चितता को देखते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने किसानों के लिए एक खास ‘डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चर कंटिंजेंसी प्लान’ तैयार किया है।

इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य हर स्थिति में फसल का नुकसान कम करना और पैदावार बढ़ाना है। अल-नीनो (El-Nino) के कारण सूखा हो या भारी बारिश की स्थिति, सही योजना के साथ खेती करने पर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि कम और ज्यादा बारिश के लिए ICAR की खरीफ रणनीति क्या है।

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कम बारिश (सूखे की स्थिति) में ICAR की खरीफ रणनीति

जब मानसून में देरी हो या बारिश सामान्य से कम हो, तो मिट्टी में नमी की कमी हो जाती है। ऐसे में फसलों को बचाने के लिए कुछ खास कदम उठाने जरूरी हैं:

1. कम अवधि वाली और कम पानी चाहने वाली फसलें

2. मिट्टी की नमी बचाना (Moisture Conservation)

3. खरपतवार और खाद प्रबंधन

ज्यादा बारिश (जलभराव या बाढ़) की स्थिति में ICAR की रणनीति

कई बार लगातार बारिश से खेतों में पानी भर जाता है, जिससे जड़ों में हवा का संचार रुक जाता है और फसल सड़ने लगती है। इस स्थिति के लिए भी ICAR ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं:

1. उचित जल निकासी (Drainage System)

2. कीट और रोगों पर नियंत्रण

3. पोषक तत्वों की भरपाई

खरीफ सीजन के लिए किसानों को खास सलाह

किसानों को मौसम विभाग (IMD) की एडवाइजरी का नियमित पालन करना चाहिए। बुवाई से पहले बीजों का उपचार जरूर करें। अपने स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के संपर्क में रहें और मिट्टी की जांच के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करें। सही समय पर सही फैसला लेने से मौसम की मार से आसानी से बचा जा सकता है। आप खेती से जुड़ी ऐसी ही सटीक और व्यावहारिक जानकारी के लिए हमारे चैनल @AgricultureFarmStory से भी जुड़े रह सकते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1: ICAR का एग्रीकल्चर कंटिंजेंसी प्लान क्या है?

यह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा तैयार की गई एक जिला-स्तरीय योजना है। इसमें मौसम (कम या ज्यादा बारिश) के हिसाब से सही फसल, बीज और खेती के वैज्ञानिक तरीके बताए जाते हैं ताकि किसानों का कम से कम नुकसान हो।

Q2: कम बारिश होने पर धान की जगह कौन सी फसल लगाएं?

बारिश कम होने पर धान की जगह कम पानी में पकने वाली फसलें जैसे मक्का, बाजरा, मूंग, उड़द और तिलहन (जैसे सोयाबीन) लगाना ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद रहता है।

Q3: खेतों में ज्यादा बारिश का पानी भर जाए तो सबसे पहले क्या करें?

सबसे पहले खेत में नालियां बनाकर अतिरिक्त पानी बाहर निकालें। पानी निकलने के बाद जड़ों को फंगस से बचाने के लिए उचित फफूंदनाशक का प्रयोग करें और पोषक तत्वों की भरपाई के लिए एनपीके का छिड़काव करें।

Q4: खरीफ फसलों में कीटों को प्राकृतिक रूप से कैसे रोकें?

खेत में चिड़ियों के बैठने के लिए ‘T’ आकार के डंडे (बर्ड पर्च) लगाएं। इसके अलावा, फेरोमोन ट्रैप (Pheromone traps) और पीले/नीले स्टिकी ट्रैप का इस्तेमाल करें, जिससे हानिकारक कीट बिना भारी रसायनों के नियंत्रित हो सकें।

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