बारिश के मौसम में लगातार कुछ दिनों तक पानी न गिरना किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय होता है। इसे ‘मॉनसून ब्रेक’ कहा जाता है। इस दौरान तेज धूप और उमस के कारण खेतों की मिट्टी तेजी से सूखने लगती है।
खरीफ सीजन के लिए आईसीएआर की सलाह के अनुसार, अगर समय रहते सही कदम न उठाए जाएं, तो फसल की पैदावार पर सीधा असर पड़ता है। भोपाल और मध्य भारत के अन्य क्षेत्रों में अक्सर ऐसी स्थिति देखने को मिलती है। आइए जानते हैं कि इस कठिन समय में आप अपने खेतों में नमी कैसे बरकरार रख सकते हैं।
खेत में नमी बनाए रखने के 5 सबसे असरदार तरीके
1. मल्चिंग (Mulching) विधि अपनाएं
मल्चिंग खेत की नमी को उड़ने से रोकने का सबसे बेहतरीन तरीका है। इसके लिए आप फसलों के अवशेष, सूखी घास या पुआल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- मिट्टी की सतह को ढकने से सीधे धूप जमीन पर नहीं पड़ती।
- इससे वाष्पीकरण (Evaporation) की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और नमी लंबे समय तक टिकती है।
2. खरपतवार (Weeds) पर तुरंत नियंत्रण करें
खरपतवार मुख्य फसल के हिस्से का पानी और पोषक तत्व बहुत तेजी से सोखते हैं। मॉनसून ब्रेक के दौरान खरपतवार नियंत्रण करके खेत को पूरी तरह से साफ रखना ज़रूरी है।
निराई-गुड़ाई करने से मिट्टी की ऊपरी परत टूट जाती है। इससे मिट्टी के अंदर की नमी भाप बनकर नहीं उड़ पाती और पौधों की जड़ों तक सुरक्षित रहती है।
3. जीवामृत और वेस्ट डीकंपोजर का उपयोग
मिट्टी में जैविक कार्बन की मात्रा अधिक होने पर पानी सोखने और रोकने की क्षमता बढ़ जाती है।
- खेत में नियमित रूप से जीवामृत का छिड़काव करें।
- वेस्ट डीकंपोजर (Waste Decomposer) का उपयोग करने से मिट्टी भुरभुरी और उपजाऊ बनती है, जिससे नमी अंदर तक गहराई में बनी रहती है।
4. हल्की और स्प्रिंकलर सिंचाई का प्रयोग
मूंग की फसल या अन्य दलहनी फसलों में अगर पानी की भारी कमी महसूस हो रही हो, तो बाढ़ विधि (Flood irrigation) के बजाय स्प्रिंकलर (फव्वारा) विधि का इस्तेमाल करें।
इससे पानी की काफी बचत होती है। पौधे के पत्तों और जड़ों को जरूरत के हिसाब से पानी मिल जाता है और मिट्टी पर सख्त पपड़ी भी नहीं जमती।
5. बासमती धान (PB1) के खेतों का विशेष ध्यान
अगर आपने पीबी-1 बासमती धान या अन्य धान की वैरायटी लगाई है, तो उसमें दरारें न पड़ने दें। धान के खेत में हल्की नमी बनाए रखना अनिवार्य है।
खेत के चारों ओर की मेड़ को मजबूत करें ताकि अगर थोड़ी भी बारिश हो, तो एक भी बूंद पानी बाहर न बहे। मेड़बंदी बारिश के पानी को सहेजने का सबसे सस्ता और प्रभावी तरीका है।
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Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. मॉनसून ब्रेक क्या होता है?
जब बारिश के मौसम (मॉनसून) के बीच में 10 से 15 दिनों तक अचानक बारिश रुक जाती है और मौसम सूखा हो जाता है, तो उस अवधि को मॉनसून ब्रेक कहते हैं।
Q2. क्या नमी बचाने के लिए वेस्ट डीकंपोजर का उपयोग फायदेमंद है?
जी हां, वेस्ट डीकंपोजर मिट्टी में मौजूद जीवाणुओं को सक्रिय करता है। इससे मिट्टी का स्ट्रक्चर सुधरता है और वह स्पंज की तरह पानी को लंबे समय तक रोक कर रख सकती है।
Q3. धान की फसल में नमी कम होने पर क्या नुकसान होता है?
धान की फसल (जैसे बासमती) में नमी कम होने से खेत में दरारें पड़ जाती हैं। इससे जड़ों का विकास रुक जाता है, पौधे पीले पड़ने लगते हैं और पैदावार में भारी गिरावट आती है।
Q4. निराई-गुड़ाई करने से खेत की नमी कैसे बचती है?
निराई-गुड़ाई करने से मिट्टी की ऊपरी सतह पर बनी केशिकाएं (Capillaries) टूट जाती हैं। इससे जमीन के नीचे का पानी भाप बनकर ऊपर नहीं उड़ पाता और जड़ों के पास सुरक्षित रहता है।

