किसान भाइयों, सोयाबीन की खेती में 35 से 40 दिन का समय सबसे संवेदनशील होता है। यह वह समय है जब आपकी फसल वानस्पतिक विकास (Vegetative Growth) से निकलकर फूलों की अवस्था (Flowering Stage) में प्रवेश कर रही होती है।
इस दौरान मौसम में बदलाव या पोषक तत्वों की कमी से फूल झड़ने लगते हैं। अगर फूल झड़ गए, तो सीधा असर आपकी पैदावार पर पड़ेगा।
आज हम बात करेंगे कि इस अहम अवस्था में Boron और Alpha Naphthyl Acetic Acid (NAA) का स्प्रे आपकी सोयाबीन की फसल को कैसे एक बंपर पैदावार में बदल सकता है।
35-40 दिन की सोयाबीन की फसल में क्या होता है?
बुवाई के 35 से 40 दिन बाद सोयाबीन के पौधों में शाखाएं पूरी तरह फैल चुकी होती हैं। इस समय कलियां और फूल बनना शुरू हो जाते हैं।
इस अवस्था में पौधे को सूक्ष्म पोषक तत्वों (Micronutrients) और ग्रोथ रेगुलेटर्स की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। सही पोषण न मिलने पर पौधे अपने फूल खुद ही गिरा देते हैं। इसे रोकने के लिए ही बोरॉन और NAA का इस्तेमाल किया जाता है।
सोयाबीन में बोरॉन (Boron) स्प्रे के बेहतरीन फायदे
बोरॉन एक बहुत ही महत्वपूर्ण सूक्ष्म पोषक तत्व है। फूल और फलियों के विकास में इसका रोल सबसे बड़ा होता है।
- परागण (Pollination) में सुधार: बोरॉन परागकणों की नलिका को मजबूत बनाता है। इससे फूलों का सही तरीके से फलियों में बदलना तय होता है।
- फूलों का झड़ना कम करना: यह पौधे की कोशिकाओं को मजबूत करता है, जिससे तेज हवा या बारिश में फूल आसानी से नहीं टूटते।
- दानों का भराव: बोरॉन के इस्तेमाल से सोयाबीन की फलियों में दाने ठोस और चमकदार बनते हैं।
- पोषक तत्वों का संचार: यह पौधे की जड़ों से कैल्शियम और अन्य तत्वों को पत्तियों और फूलों तक पहुँचाने में मदद करता है।
Alpha Naphthyl Acetic Acid (NAA) क्या है और इसके फायदे?
Alpha Naphthyl Acetic Acid (NAA) एक प्रकार का प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर (PGR) है। इसे कृत्रिम ऑक्सिन हार्मोन भी कहा जाता है।
- फूलों को गिरने से रोकना: यह हार्मोन पौधे के उस जोड़ को मजबूत करता है जहाँ से फूल शाखा से जुड़ा होता है। इससे फूल झड़ने की समस्या 90% तक कम हो जाती है।
- अधिक फलियों का निर्माण: NAA के स्प्रे से पौधे में ज्यादा मादा फूल आते हैं, जो आगे चलकर फलियों में बदल जाते हैं।
- तनाव से बचाव: सूखे या अत्यधिक नमी के कारण पौधे पर जो स्ट्रेस आता है, यह हार्मोन उसे कंट्रोल करता है।
स्प्रे की सही मात्रा और तरीका (Dosage)
इन दोनों का स्प्रे करते समय मात्रा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। दवा की अधिकता आपकी फसल को जला भी सकती है।
1. बोरॉन (Boron 20%) की मात्रा
सोयाबीन के लिए हमेशा Boron 20% (पानी में घुलनशील) का ही चुनाव करें।
- प्रति लीटर पानी: 1.5 से 2 ग्राम
- प्रति 15 लीटर पंप: 25 से 30 ग्राम
- प्रति एकड़: लगभग 150 से 200 ग्राम (150 लीटर पानी के साथ)
2. Alpha Naphthyl Acetic Acid (4.5% SL) की मात्रा
यह हार्मोन बहुत ही शक्तिशाली होता है, इसलिए इसकी डोज़ हमेशा कम रखी जाती है।
- प्रति 15 लीटर पंप: मात्र 4 से 5 ML (मिलीलीटर)
- प्रति एकड़: 40 से 45 ML (150 लीटर पानी के साथ)
स्प्रे करते समय इन बातों का रखें खास ध्यान
बोरॉन और NAA का बेहतरीन रिजल्ट पाने के लिए कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।
- खेत में नमी: स्प्रे करते समय खेत में पर्याप्त नमी (Moisture) होना बहुत जरूरी है। सूखे खेत में इनका स्प्रे बिल्कुल न करें।
- सही समय: स्प्रे हमेशा सुबह 10 बजे से पहले या शाम को 4 बजे के बाद करें। तेज धूप में दवा उड़ जाती है और पत्तों पर दाग पड़ सकते हैं।
- घोल बनाने का तरीका: बोरॉन और NAA दोनों को एक साथ मिलाया जा सकता है। लेकिन पहले बोरॉन को पानी में अच्छी तरह घोल लें, उसके बाद ही NAA दवा डालें।
- ओवरडोज़ से बचें: Alpha Naphthyl Acetic Acid की मात्रा भूलकर भी 5 ML (प्रति 15 लीटर) से ज्यादा न करें, अन्यथा फूल झड़ने रुकने की बजाय ज्यादा गिर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या बोरॉन और Alpha Naphthyl Acetic Acid को किसी कीटनाशक के साथ मिला सकते हैं?
हाँ, आप इन्हें इल्लियों की रोकथाम के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान्य कीटनाशकों (जैसे इमामेक्टिन बेंजोएट या कोराजन) के साथ मिला सकते हैं। लेकिन खरपतवारनाशक (Herbicide) के साथ इन्हें कभी न मिलाएं।
Q2: सोयाबीन में बोरॉन का स्प्रे कितनी बार करना चाहिए?
आमतौर पर 35-40 दिन की अवस्था (फूल आते समय) पर एक स्प्रे काफी होता है। अगर मिट्टी में बोरॉन की भारी कमी है, तो फलियां बनते समय दूसरा हल्का स्प्रे किया जा सकता है।
Q3: अगर बारिश का मौसम हो तो स्प्रे के बाद क्या करें?
स्प्रे के घोल में एक अच्छा सिलिकॉन बेस्ड चिपको (Sticker) जरूर मिलाएं। इससे अगर 2 घंटे बाद बारिश भी आ जाए, तो दवा पत्तों पर चिपकी रहेगी और पूरा काम करेगी।
Q4: क्या NAA स्प्रे से सोयाबीन की हाइट बढ़ती है?
नहीं, Alpha Naphthyl Acetic Acid (NAA) पौधे की वानस्पतिक ऊंचाई नहीं बढ़ाता है। इसका मुख्य काम फूलों को झड़ने से रोकना और फलियों का सही विकास करना है।

