लगातार हो रही तेज बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। 3 दिन या उससे अधिक समय तक लगातार बारिश होने से सोयाबीन की फसल में कई गंभीर समस्याएं आने लगती हैं। खेतों में पानी भरने से जड़ों का विकास रुक जाता है और पौधे पीले पड़ने लगते हैं।
अगर सही समय पर उचित कदम नहीं उठाए गए, तो पूरी फसल बर्बाद हो सकती है। SmartKisan के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि बारिश के बाद सोयाबीन में कौन सा स्प्रे करना चाहिए
जिससे आपकी फसल को तेजी से रिकवर किया जा सके।
लगातार बारिश से सोयाबीन को होने वाले नुकसान
खेत में अधिक समय तक नमी या जलभराव रहने से फसल तनाव में आ जाती है। इससे मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याएं देखने को मिलती हैं:
- फंगस और जड़ सड़न: नमी के कारण कॉलर रॉट (Collar rot) और राइजोक्टोनिया जैसी फफूंद जनित बीमारियां तेजी से फैलती हैं। अगर यह समस्या खेतों में बढ़ने लगे, तो सोयाबीन में जड़ सड़न रोग का पक्का इलाज करना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
- पीलापन (Yellowing): जमीन में पानी भरने से जड़ों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इससे पौधे मिट्टी से पोषक तत्व नहीं ले पाते और पत्ते पीले होने लगते हैं। (विस्तार से पढ़ें: सोयाबीन में पीलापन के मुख्य कारण और उन्हें दूर करने के उपाय)
- फूल और फलियों का गिरना: अगर फसल फूल की अवस्था में है, तो ज्यादा बारिश से फूल झड़ने की समस्या आम हो जाती है।
बारिश रुकने के बाद तुरंत करें ये जरूरी काम
स्प्रे करने से पहले खेत से अतिरिक्त पानी निकालना सबसे ज्यादा जरूरी है। जड़ों को हवा लगने दें ताकि मिट्टी में ऑक्सीजन का प्रवाह दोबारा शुरू हो सके।
खेत में नमी थोड़ी कम होने पर ही स्प्रे का काम शुरू करें। गीले पौधों पर स्प्रे करने से दवा धुल सकती है और उसका पूरा असर नहीं होगा।
सोयाबीन में कौन सा स्प्रे करें? (सटीक दवाओं की लिस्ट)
फसल को दोबारा स्वस्थ बनाने के लिए आपको मुख्य रूप से तीन चीजों का कॉम्बिनेशन इस्तेमाल करना होगा।
1. एक अच्छा फंगीसाइड (Fungicide)
फंगस को रोकने के लिए एक सिस्टेमिक और कॉन्टैक्ट फंगीसाइड का इस्तेमाल करें। यह पौधों को अंदर और बाहर दोनों तरफ से सुरक्षा देगा।
- आप टेबूकोनाजोल + सल्फर (Tebuconazole 10% + Sulphur 65% WG) का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह फंगस रोकने के साथ-साथ फसल को सल्फर भी देता है जिससे पीलापन कम होता है। भारी जलभराव के बाद अक्सर तना गलन (Stem Rot) की समस्या और उसका इलाज भी ऐसे सिस्टेमिक फंगीसाइड से काफी हद तक कवर हो जाता है।
- मात्रा: 500 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें।
- वैकल्पिक रूप से, आप हेक्साकोनाजोल (Hexaconazole) या पाइराक्लोस्ट्रोबिन (Pyraclostrobin) का भी उपयोग कर सकते हैं।
2. पानी में घुलनशील खाद (Water Soluble NPK)
चूंकि जड़ें काम नहीं कर रही हैं, इसलिए पौधों को ऊपर से पोषण देना जरूरी है। इसके लिए फोलियर स्प्रे (Foliar spray) सबसे कारगर है। खाद के सही कॉम्बिनेशन और डोज़ के लिए आप सोयाबीन में पोषक तत्व प्रबंधन की पूरी जानकारी
देख सकते हैं।
- NPK 19:19:19 या NPK 12:61:00 का इस्तेमाल करें। इससे पौधों को तुरंत नाइट्रोजन और फास्फोरस मिलेगा।
- मात्रा: 700 ग्राम से 1 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से फंगीसाइड के साथ मिलाकर स्प्रे करें।
3. स्ट्रेस कम करने के लिए टॉनिक (Plant Growth Promoter)
लगातार बारिश के कारण पौधा भारी तनाव (Abiotic stress) में चला जाता है। इसे वापस ग्रोथ मोड में लाने के लिए एक अच्छे अमीनो एसिड (Amino Acid) या सीवीड (Seaweed) एक्सट्रैक्ट बेस टॉनिक का उपयोग करें।
- यह पौधों में प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया को तेज करेगा।
- मात्रा: टॉनिक के ब्रांड और निर्देशों के अनुसार उचित मात्रा लें।
Team Smart Kisan की खास ऑर्गेनिक टिप्स
अगर आप जैविक (Organic) खेती करते हैं और रासायनिक दवाओं से बचना चाहते हैं, तो हमारे पास आपके लिए भी बेहतरीन विकल्प हैं।
- जड़ों के पास फंगस रोकने के लिए ट्राइकोडर्मा विरिडी (Trichoderma viride) या स्यूडोमोनास (Pseudomonas) का लिक्विड स्प्रे करें।
- फसल की ग्रोथ वापस लाने के लिए जीवामृत (Jeevamrut) का स्प्रे भी एक शानदार और प्राकृतिक तरीका है। यह मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. बारिश के तुरंत बाद स्प्रे करना चाहिए या धूप निकलने का इंतज़ार करें?
बारिश रुकने के बाद जब पत्तों से पानी सूख जाए और थोड़ी धूप निकल आए, तब स्प्रे करना सबसे अच्छा रहता है। इससे दवा पत्तों पर अच्छे से चिपकती है।
2. क्या फंगीसाइड और NPK खाद को एक साथ मिलाकर स्प्रे कर सकते हैं?
हाँ, आप अधिकांश सामान्य फंगीसाइड (जैसे टेबूकोनाजोल+सल्फर) के साथ NPK 19:19:19 और टॉनिक को मिलाकर स्प्रे कर सकते हैं। घोल बनाने से पहले एक छोटे बर्तन में दवाओं को मिलाकर देख लें कि वे फट तो नहीं रही हैं।
3. फसल में पीलापन दूर होने में कितने दिन का समय लगेगा?
सही स्प्रे और मौसम साफ होने के बाद, आपको 4 से 5 दिनों के भीतर फसल में सुधार और नया हरापन देखने को मिल जाएगा।
4. अगर स्प्रे करने के 2 घंटे बाद फिर बारिश हो जाए तो क्या करें?
स्प्रे करते समय पानी में एक अच्छा सिलिकॉन बेस्ड चिपको (Sticker/Spreader) जरूर मिलाएं। अगर चिपको मिलाया है और 2-3 घंटे तक बारिश नहीं होती है, तो दवा अपना काम कर देती है। दोबारा स्प्रे की जरूरत नहीं होती।

