मानसून अब देश के अधिकांश हिस्सों में पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 जुलाई मौसम अपडेट जारी करते हुए कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। विशेष रूप से मध्य भारत में अगले कुछ दिनों तक मौसम बेहद आक्रामक रहने वाला है।
लगातार हो रही इस बारिश से आम जनजीवन तो प्रभावित हो ही रहा है, साथ ही खेती-किसानी पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज मध्य भारत का मौसम कैसा रहेगा और किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए।
मध्य भारत में मौसम का हाल: IMD का अलर्ट
मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी हवाओं का दबाव बना हुआ है। IMD की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का मौसम
मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 7 से 10 जुलाई तक तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश (Yellow and Orange Alert) की चेतावनी दी है। यदि आप मध्य प्रदेश के निवासी हैं, तो विस्तृत मध्य प्रदेश का मौसम पूर्वानुमान यहाँ देख सकते हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ में भी आज अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
विदर्भ और आसपास के इलाकों में चेतावनी
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी 6 और 7 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। तेज हवाओं (40-60 किमी/घंटा) के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, इसलिए मौसम खराब होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। हाल ही में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा जारी ICAR खरीफ एडवाइजरी को भी एक बार जरूर पढ़ें ताकि मौसम के अनुसार फसलों का प्रबंधन किया जा सके।
लगातार बारिश के बीच किसानों के लिए नई सलाह
मध्य भारत में लगातार बारिश खेती के लिए फायदेमंद होने के साथ-साथ नुकसानदायक भी साबित हो सकती है। खेतों में पानी भरने से फसलों की जड़ें गलने का खतरा रहता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- जल निकासी की उचित व्यवस्था करें: खेतों में, विशेषकर सोयाबीन, उड़द और मक्का की फसल में, पानी रुकने न दें। जलभराव से फसलें पीली पड़ सकती हैं, इसलिए अतिरिक्त पानी निकालने के लिए नालियां बनाएं। यदि आपकी फसल में ऐसी समस्या आती है, तो जानें कि सोयाबीन में पीलापन कैसे दूर करें ताकि नुकसान से बचा जा सके।
- दवाओं का छिड़काव रोक दें: जब तक बारिश का दौर पूरी तरह से रुक न जाए, तब तक खेतों में किसी भी तरह के कीटनाशक या उर्वरक (Fertilizers) का छिड़काव न करें। बारिश के पानी के साथ ये दवाएं बह जाएंगी और इनका कोई असर नहीं होगा। उदाहरण के लिए, यदि आप स्प्रे करने वाले थे, तो सोयाबीन की पहली बारिश के बाद स्प्रे मौसम साफ होने पर ही करें।
- बुवाई में सावधानी: जिन किसानों ने अभी तक खरीफ फसलों की बुवाई नहीं की है, वे खेतों में नमी कम होने और मौसम थोड़ा साफ होने का इंतजार करें। ज्यादा गीली मिट्टी में बीज सड़ सकते हैं। इस देरी को लेकर असमंजस में हैं तो पढ़ें कि 7 जुलाई के बाद सोयाबीन बुवाई करें या नहीं जिससे आपको सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
- सब्जियों की सुरक्षा: टमाटर, मिर्च और बैंगन जैसी सब्जियों के खेतों में मेड़ को ऊंचा करें। अगर नर्सरी तैयार कर रहे हैं, तो उसे भारी बारिश से बचाने के लिए पॉलीथिन या शेड नेट का इस्तेमाल करें।
देश के अन्य राज्यों का मौसम पूर्वानुमान
मध्य भारत के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। यात्रा करने या घर से निकलने से पहले इन राज्यों का अपडेट भी जान लें:
- गुजरात और महाराष्ट्र: इन दोनों राज्यों में मौसम सबसे ज्यादा खराब है। सौराष्ट्र, कच्छ, कोंकण, गोवा और मुंबई में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट है।
- दिल्ली-एनसीआर: दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में दिनभर बादल छाए रहेंगे। बीच-बीच में मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा।
- राजस्थान और उत्तर प्रदेश: पूर्वी राजस्थान (जयपुर, कोटा) और उत्तर प्रदेश के तराई वाले हिस्सों (गोरखपुर, वाराणसी) में मानसून सक्रिय है और अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. 6 जुलाई को किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है?
आज गुजरात, महाराष्ट्र (कोंकण, मुंबई), मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
Q2. लगातार बारिश से सोयाबीन की फसल को कैसे बचाएं?
सोयाबीन की फसल को जलभराव से सबसे ज्यादा नुकसान होता है। खेतों में तुरंत जल निकासी के लिए नालियां (Drainage channels) बनाएं और पानी को बाहर निकालें।
Q3. क्या बारिश के दौरान खेतों में यूरिया या कीटनाशक डालना सही है?
बिल्कुल नहीं। बारिश के दौरान यूरिया या कीटनाशक का इस्तेमाल करने से वे पानी के साथ बह जाते हैं। मौसम साफ होने और पत्तों के सूखने का इंतजार करें।
Q4. दिल्ली-एनसीआर में आज का मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली-एनसीआर में आज बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

