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7 जुलाई के बाद सोयाबीन की बुवाई करें या नहीं? जानें किसानों के लिए सही फैसला

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मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर भारत के कई किसानों के मन में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है—7 जुलाई के बाद सोयाबीन की बुवाई करें या नहीं?

कुछ किसानों के खेत में अभी तक पर्याप्त नमी नहीं बनी है, कुछ जगह लगातार बारिश से खेत में पानी भर गया है, और कई किसान ऐसे भी हैं जिनकी पहली बोवनी में अंकुरण (Germination) बहुत कमजोर हुआ है। ऐसे में दोबारा बोवनी करें या अब किसी दूसरी फसल की ओर जाएं—यह फैसला जल्दबाजी में नहीं, बल्कि वैज्ञानिक आधार पर लेना चाहिए।

📢 ICAR-भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (NSRI), इंदौर की साप्ताहिक सलाह:
संस्थान की 29 जून से 5 जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, सोयाबीन की बुवाई का सबसे उपयुक्त समय मानसून आने के बाद जुलाई के प्रथम सप्ताह तक माना गया है। साथ ही संस्थान ने यह भी साफ कहा है कि बोवनी अपने क्षेत्र में मानसून आने और कम से कम 100 मिमी बारिश होने के बाद ही करनी चाहिए।

इसका सीधा मतलब यह है कि 7 जुलाई के बाद सोयाबीन की बुवाई पर पूरी तरह रोक नहीं है, लेकिन इसे “देर से की गई बुवाई” माना जाएगा। ऐसी स्थिति में किसानों को सामान्य दिनों वाली पद्धति नहीं अपनानी चाहिए, बल्कि किस्म, बीज दर, कतार की दूरी और जल निकासी को लेकर कुछ खास बदलाव करने होंगे।

यदि आप अभी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि इस मौसम में धान बेहतर रहेगा या सोयाबीन, तो आप हमारा सोयाबीन बनाम धान मुनाफा तुलना लेख पढ़ सकते हैं।

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7 जुलाई के बाद सोयाबीन बोनी करें या नहीं? सीधा जवाब

⛈️ मौसम का ताजा अनुमान (IMD Alert):
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 6充 जुलाई 2026 की चेतावनी के अनुसार, पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में 6, 7 और 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। अगर बुवाई के तुरंत बाद मूसलाधार बारिश हो जाती है, तो सोयाबीन बुवाई के बाद पहली बारिश के समय बरती जाने वाली सावधानियों का विशेष ध्यान रखें।


फैसला लेने का आसान नियम (Quick Decision Table)

खेत और मौसम के हालातों के आधार पर आप नीचे दी गई तालिका से सही निर्णय ले सकते हैं:

खेत और मौसम की स्थितिआपका फैसला
खेत में पर्याप्त नमी है, पानी नहीं रुका हैबोवनी तुरंत करें
खेत में पानी भरा हुआ हैबोवनी बिल्कुल न करें, पहले जल निकासी करें
अगले 24–48 घंटे भारी बारिश की चेतावनी हैबोवनी टालें, बीज खराब होने का खतरा है
आपके पास जल्दी/मध्यम अवधि वाली किस्म का बीज हैदेर से बुवाई के लिए सबसे बेहतर विकल्प
आपके पास सिर्फ लंबी अवधि वाली किस्म हैजोखिम ज्यादा है, टालने की कोशिश करें
पहली बोवनी का अंकुरण खराब हुआ हैगैप फिलिंग या री-सोइंग (दोबारा बोनी) पर विचार करें
तारीख 12–15 जुलाई के बाद की हो चुकी हैबहुत सावधानी बरतें, वैकल्पिक फसलों पर ध्यान दें

7 जुलाई के बाद बुवाई करने में सबसे बड़े खतरे क्या हैं?

यदि आप देरी से सोयाबीन बो रहे हैं, तो इन 3 मुख्य चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा:

  1. छोटा जीवनकाल (Shorter Lifecycle): फसल का पूरा जीवनकाल छोटा हो जाता है। पौधे को वानस्पतिक वृद्धि (बढ़वार), फूल आने, फली बनने और दाना भरने के लिए कम समय मिलता है, जिससे कुल उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
  2. कटाई के समय बारिश का जोखिम: देर से बोई गई फसल अक्सर सितंबर-अक्टूबर की विदाई वाली बारिश में फंस जाती है।
  3. कीट और रोगों का बढ़ता हमला: देर से बोई गई सोयाबीन में फफूंदजनित रोगों का दबाव काफी बढ़ जाता है। ऐसे में सोयाबीन में जड़ सड़न रोग का इलाज और सोयाबीन में तना गलन का इलाज करने के तरीके आपको पहले से पता होने चाहिए। इसके साथ ही पत्तियों की सुरक्षा के लिए सोयाबीन में पत्ते मुड़ने का इलाज समय पर करना जरूरी है।

7 जुलाई के बाद कौन सी सोयाबीन किस्म चुनें?

देर से बुवाई के मामले में किस्म का चुनाव ही सबसे बड़ा गेम-चेंजर साबित होता है। इस समय केवल जल्दी (Early) या मध्यम (Medium) अवधि में पकने वाली किस्मों को ही प्राथमिकता दें।

ICAR-NSRI द्वारा अनुशंसित किस्में (मध्य क्षेत्र – MP, बुंदेलखंड, राजस्थान, गुजरात और उत्तर-पश्चिम महाराष्ट्र के लिए):

आप विशेष रूप से JS 24-33 सोयाबीन किस्म या फिर कम समय में बंपर पैदावार देने वाली NRC 150 सोयाबीन किस्म का चयन कर सकते हैं। इसके अलावा बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए JS 21-72 सोयाबीन किस्म और NRC 142 सोयाबीन किस्म भी देर से बुवाई के लिए बेहतरीन विकल्प साबित होती हैं।

💡 किसान भाई ध्यान दें: सिर्फ नाम देखकर बाजार से कोई भी बीज न खरीदें। पूरी सूची देखने के लिए आप हमारी सोयाबीन की टॉप 10 किस्में की लिस्ट देख सकते हैं और अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के वैज्ञानिकों की सलाह पर ही अंतिम चुनाव करें।


देर से बुवाई में बीज दर (Seed Rate) कितनी रखें?

सामान्य समय पर बुवाई के दौरान किसान आमतौर पर 65–70 किलो प्रति हेक्टेयर बीज का उपयोग करते हैं। लेकिन 7 जुलाई के बाद बुवाई करते समय खेत में पौधों की सही संख्या (Plant Population) बनाए रखने के लिए बीज दर बढ़ना अनिवार्य है।

प्रति एकड़ अनुमानित बीज दर चार्ट

बुवाई की स्थितिप्रति एकड़ आवश्यक बीज दर
सही और सामान्य समय पर बुवाईलगभग 26–30 किलो / एकड़
7 जुलाई के बाद (जल्दी/मध्यम अवधि किस्म)लगभग 32–36 किलो / एकड़
यदि बीज की अंकुरण क्षमता 70% से कम हैबीज की मात्रा थोड़ी और बढ़ाएं
पुराना या घर का रखा बीज होने परबोने से पहले अनिवार्य रूप से अंकुरण परीक्षण करें

कतार से कतार की दूरी (Row Spacing) कितनी रखें?


खेत की नमी कैसी होनी चाहिए?

सोयाबीन के बेहतर अंकुरण के लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी होना जरूरी है, लेकिन खेत में चिपचिपापन या जलभराव नहीं होना चाहिए।


बुवाई से पहले 5 सबसे जरूरी काम (ICAR Checklist)

यदि आप 7 जुलाई के बाद बोवनी कर रहे हैं, तो इन 5 बातों में कोई लापरवाही न बरतें:

1. अंकुरण परीक्षण (Germination Test) करें

देर से बुवाई में कमजोर बीज बोने का जोखिम बिल्कुल न लें। बुवाई से पहले घर पर ही बीज अंकुरण परीक्षण कैसे करें इसकी विधि सीखें और केवल उसी बीज का उपयोग करें जिसकी अंकुरण क्षमता कम से कम 70% हो।

2. वैज्ञानिक तरीके से बीजोपचार (Seed Treatment)

शुरुआती 20-25 दिनों में फसल को रोगों और कीटों से बचाने के लिए बीजोपचार बेहद जरूरी है। इसके लिए आप सोयाबीन बीज उपचार का सही तरीका अपना सकते हैं, जिसमें फफूंदनाशक और कीटनाशक का सही क्रम (F-I-R) शामिल है।

3. जल निकासी के लिए नालियाँ बनाएं

अगर आप पारंपरिक सीड ड्रिल (समतल खेत) से बोवनी कर रहे हैं, तो खेत में हर 6 या 9 कतारों के बाद एक खाली कतार छोड़ें या नाली निकालें। यह नाली भारी बारिश में अतिरिक्त पानी बाहर निकालेगी।

4. BBF या रिज-फरो पद्धति को अपनाएं

जिन इलाकों में मौसम का भरोसा नहीं रहता, वहां पारंपरिक बुवाई की तुलना में BBF तकनीक बनाम सामान्य बुवाई का आकलन करें। देर से बुवाई के लिए ब्रॉड बेड फरो (BBF) पद्धति सबसे उत्तम मानी जाती है।

5. संतुलित पोषण (खाद प्रबंधन)

सिर्फ यूरिया या डीएपी (DAP) डालकर छोड़ देना गलत तरीका है। ICAR-NSRI के अनुसार सोयाबीन के लिए प्रति हेक्टेयर संतुलित मात्रा इस प्रकार है:


7 जुलाई के बाद बोवनी करते समय ये 3 गलतियां न करें


पहली बोवनी खराब हो गई तो क्या करें? (Re-sowing vs Gap Filling)

अगर आपने जून के आखिर में बोवनी की थी और अंकुरण खराब हुआ है, तो पूरे खेत को एक जैसा मानकर तुरंत दोबारा ट्रैक्टर न चलाएं। पहले पौधों की गिनती करें।

🌾 ICAR-NSRI की सलाह:

  • री-सोइंग (Re-sowing): अगर पूरे खेत में 60-70% से ज्यादा जगह खाली है और पौधों की संख्या बहुत ही कम है, तभी पूरी दोबारा बोवनी करें।
  • गैप充 फिलिंग (Gap Filling): अगर खेत के कुछ हिस्सों में अंकुरण अच्छा है और कुछ पैच खाली रह गए हैं, तो खाली जगहों पर तुरंत नया बीज चोभ दें (गैप फिलिंग करें)।

7 जुलाई के बाद खरपतवार नियंत्रण (Weed Management) कैसे करें?

देर से बोई गई फसल के पास बढ़ने के लिए दिन कम होते हैं, ऐसे में अगर शुरुआती 20-25 दिनों तक खरपतवार (कचरा) खेत में रहा, तो वह फसल का सारा पोषण खींच लेगा और उत्पादन आधा रह जाएगा। इसके लिए खेतों में पहली और सोयाबीन में दूसरी निराई गुड़ाई कब करें इसका समय पर ध्यान रखना बेहद जरूरी है।


देर से बुवाई करने पर उत्पादन कितना घट सकता है?

इसका कोई एक तय आंकड़ा नहीं है। अगर आप 7 से 10 जुलाई के बीच सही नमी में, सही बीज दर (32-36 किलो/एकड़), 30 सेमी कतार दूरी और जल्दी पकने वाली किस्म चुनकर बोवनी कर लेते हैं, तो उत्पादन में गिरावट बहुत ही कम या न के बराबर होगी।


यदि सोयाबीन न बोएं, तो कौन सी वैकल्पिक फसलें (Alternative Crops) देखें?

अगर आपके क्षेत्र में 15 जुलाई तक भी खेत बुवाई लायक नहीं हो पाता है, तो सोयाबीन का रिस्क लेने के बजाय आप जुलाई में बोई जाने वाली फसलें देख सकते हैं। आप अरहर (तुअर), उड़द, मूंग, तिल, मक्का या कम समय वाली चारा फसलों का चयन कर सकते हैं।


FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1. क्या 7 जुलाई के बाद सोयाबीन बो सकते हैं?

हां, बिल्कुल बो सकते हैं। बशर्ते खेत में जलभराव न हो, मिट्टी में सही नमी हो और आप जल्दी या मध्यम अवधि में पकने वाली किस्म का उपयोग कर रहे हों।

2. ICAR के अनुसार सोयाबीन की सही बोवनी कब तक है?

ICAR-NSRI के अनुसार मानसून के आगमन के बाद जुलाई के प्रथम सप्ताह तक का समय सबसे सटीक माना गया है, बशर्ते क्षेत्र में कम से कम 100 मिमी बारिश हो चुकी हो।

3. देर से बोवनी में बीज दर कितनी रखें?

देर से बुवाई के लिए पौधों की संख्या बनाए रखने के लिए प्रति हेक्टेयर 80–90 किलो बीज (या प्रति एकड़ लगभग 32–36 किलो बीज) और 30 सेमी कतार दूरी रखने की सलाह दी जाती है।

4. क्या इस समय लंबी अवधि वाली किस्म बोना ठीक है?

बिल्कुल नहीं। हमेशा कम दिनों वाली किस्म ही चुनें।

5. बारिश के तुरंत बाद सोयाबीन बो सकते हैं?

नहीं, भारी बारिश रुकने के तुरंत बाद कीचड़ में बोवनी न करें। खेत में ‘वाफसा’ स्थिति आने दें

6. पहली बोवनी खराब होने पर दोबारा बोनी करें या गैप फिलिंग?

अगर पौधों की कमी पूरे खेत में 60% से ज्यादा है तो दोबारा बोवनी करें। अगर खेत केवल कुछ जगहों से खाली है, तो 7-10 दिनों के भीतर गैप फिलिंग कर दें।

7. मध्य प्रदेश में 7 जुलाई के आसपास बोवनी करें या रुकें?

IMD की 6 जुलाई 2026 की चेतावनी के अनुसार, MP में 7-8 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसलिए एमपी के किसानों को मौसम साफ होने और खेत में वाफसा आने के बाद ही बोवनी करनी चाहिए।


निष्कर्ष (Conclusion)

7 जुलाई के बाद सोयाबीन की बुवाई करें या नहीं—इसका सीधा जवाब है: हां करें, लेकिन सही वैज्ञानिक तरीकों के साथ। कम दिनों वाली सही किस्म का चुनाव करें, बीज दर बढ़ाएं, कतार की दूरी घटाकर 30 सेमी करें, बीजोपचार जरूर करें और भारी बारिश के ठीक बीच में बोने से बचें। यदि आप इन नियमों का पालन करते हैं, तो देरी से बोई गई सोयाबीन भी आपको बेहद शानदार मुनाफा देकर जाएगी।

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