तुअर की फसल में कुछ पौधे सामान्य ऊँचाई नहीं लेते, उनकी गांठों के बीच की दूरी कम हो जाती है, ऊपर की ओर बहुत-सी छोटी शाखाएँ निकलती हैं और पत्तियों पर हल्का-गहरा हरा मोज़ेक दिखाई देता है। सबसे महत्वपूर्ण संकेत यह है कि आसपास के स्वस्थ पौधों में फूल आने लगते हैं, लेकिन प्रभावित पौधा हरा-भरा दिखने के बावजूद फूल या फलियाँ नहीं बनाता। किसान इसे अक्सर “बांझ रोग” कहते हैं। वैज्ञानिक रूप से इसे तुअर स्टेरिलिटी मोज़ेक रोग या Pigeonpea Sterility Mosaic Disease (SMD) कहा जाता है।
यह साधारण पोषक तत्व की कमी या फफूंद रोग नहीं है। इसका कारण Pigeonpea sterility mosaic virus समूह का संक्रमण है, जिसे अत्यंत सूक्ष्म माइट Aceria cajani एक पौधे से दूसरे पौधे तक पहुंचाता है। इसलिए केवल खाद बढ़ाने या बिना पहचान फफूंदनाशी छिड़कने से समस्या हल नहीं होती। सही प्रबंधन का आधार है—समय पर पहचान, संक्रमित पौधों और संक्रमण के पुराने स्रोतों को हटाना, माइट की निगरानी, स्थानीय रूप से उपयुक्त सहनशील किस्म और केवल label-verified plant protection decision।
स्टेरिलिटी मोज़ेक रोग क्या है?
यह तुअर का विषाणुजनित रोग है। वायरस पौधे की सामान्य वृद्धि और प्रजनन प्रक्रिया को प्रभावित करता है। संक्रमण जितनी जल्दी होता है, फूल और फलियाँ न बनने का जोखिम उतना अधिक रहता है। देर से या हल्का संक्रमण होने पर कुछ शाखाओं में मोज़ेक और आंशिक बांझपन दिख सकता है, जबकि दूसरी शाखाओं पर सीमित फूल या फलियाँ बन सकती हैं।
TNAU के crop-protection विवरण में रोग के तीन प्रमुख रूप बताए गए हैं: पत्तियों पर तीव्र मोज़ेक के साथ पूर्ण बांझपन, हल्के मोज़ेक के साथ आंशिक बांझपन और पीले घेरे से घिरे हरे द्वीप जैसे ring spots। ICAR–IIPR भी इसे तुअर की महत्वपूर्ण बीमारियों में रखता है तथा रोग-प्रतिरोध और माइट प्रबंधन पर समन्वित परीक्षण करता है।
खेत में पहचानने वाले मुख्य लक्षण
1. झाड़ीनुमा या “bushy” पौधा
गांठों के बीच की दूरी घटने और सहायक कलियों से अधिक शाखाएँ निकलने के कारण पौधा ऊपर से घना, झाड़ी जैसा दिखता है। केवल ज्यादा शाखाएँ होना रोग का प्रमाण नहीं है; इसके साथ पत्ती का मोज़ेक और फूलों की कमी भी देखनी चाहिए।
2. पत्तियों पर हल्का-गहरा हरा मोज़ेक
पत्ती की सतह पर अनियमित हल्के और गहरे हरे हिस्से, पीला-हरा चितकबरापन या chlorotic ring बन सकते हैं। नई पत्तियाँ सामान्य से छोटी और विकृत लग सकती हैं। तेज धूप, herbicide drift या पोषण कमी में भी रंग बदल सकता है, इसलिए पूरे लक्षण-समूह का मिलान करें।
3. फूल और फलियों का अभाव
समान उम्र के स्वस्थ पौधों में फूल आने के बाद भी संदिग्ध पौधा लगातार vegetative बना रहे तो SMD की आशंका मजबूत होती है। पूर्ण बांझपन में फलियाँ नहीं बनतीं; आंशिक रोग में कुछ शाखाएँ प्रभावित और कुछ अपेक्षाकृत सामान्य रह सकती हैं।
4. पौधों का टुकड़ों या पैच में मिलना
माइट की आवाजाही के कारण रोग खेत में बिखरे पौधों या छोटे पैच के रूप में शुरू हो सकता है। किनारों, मेड़ों, पुराने तुअर पौधों या ratoon/स्वयं उगे पौधों के आसपास पहले लक्षण मिल सकते हैं। यह field clue है, अंतिम निदान नहीं।
दूसरी समस्याओं से अंतर कैसे करें?
| समस्या | मुख्य पहचान | SMD से अंतर |
|---|---|---|
| स्टेरिलिटी मोज़ेक | झाड़ीनुमा वृद्धि, मोज़ेक, छोटे पत्ते, फूल/फलियाँ बहुत कम | जड़ या तने में सड़न जरूरी नहीं; पौधा अक्सर हरा बना रहता है |
| फ्यूजेरियम विल्ट | एक या अधिक शाखाएँ मुरझाती हैं; तने के भीतर भूरापन मिल सकता है | मोज़ेक और bushy sterility प्रमुख लक्षण नहीं |
| फाइटोफ्थोरा ब्लाइट | तने के आधार पर गहरा घाव, अचानक सूखना; जलभराव के बाद जोखिम | पौधा केवल फूलहीन नहीं रहता, ऊतक सड़ने/मरने लगते हैं |
| पोषक तत्व कमी | कई पौधों या विशेष पत्तियों में अपेक्षाकृत समान पीलापन | विशिष्ट झाड़ीनुमा बनावट और पूर्ण बांझपन सामान्य नहीं |
| herbicide injury | छिड़काव की दिशा/पट्टी में एक साथ विकृति, मुड़ी या जली पत्तियाँ | आमतौर पर spray pattern दिखता है; माइट-संबंधित पैच नहीं |
| जलभराव | निचले हिस्से में पीलापन, जड़ कमजोरी, वृद्धि रुकना | निकास खराब क्षेत्र से संबंध स्पष्ट; खास मोज़ेक-ring pattern नहीं |
शंका होने पर संदिग्ध पौधे की स्पष्ट तस्वीर, पूरे खेत का pattern और जड़/तने की स्थिति रिकॉर्ड करें। KVK, कृषि विभाग या कृषि विश्वविद्यालय की plant-health laboratory से पुष्टि कराना दवा पर खर्च करने से बेहतर है।
Aceria cajani माइट की भूमिका
यह माइट इतना छोटा होता है कि साधारण नजर से विश्वसनीय पहचान कठिन है। यह संक्रमित पौधे से स्वस्थ पौधे पर पहुंचकर वायरस का प्रसार करता है। खेत में पुराने तुअर ठूंठ, ratoon फसल, स्वयं उगे तुअर पौधे और आसपास जीवित संक्रमित पौधे वायरस तथा vector के “green bridge” बन सकते हैं। इसी कारण रोग दिखने के बाद केवल किसी एक पौधे पर स्प्रे कर देना संपूर्ण समाधान नहीं है।
माइट नियंत्रण का अर्थ वायरस को पौधे से बाहर निकालना नहीं है। पहले से संक्रमित और बांझ हो चुके पौधे की खो चुकी flowering सामान्यतः वापस नहीं आती। लक्ष्य आगे फैलाव को घटाना और अगले मौसम के संक्रमण स्रोत कम करना है।
अभी खेत में क्या करें: चरणबद्ध प्रबंधन
चरण 1: व्यवस्थित scouting करें
- खेत के चार कोनों और बीच से कम से कम पांच स्थान चुनें।
- हर स्थान पर लगातार 10 पौधे देखें; इस तरह 50 पौधों का practical sample बनेगा। यह कोई आधिकारिक economic threshold नहीं, बल्कि निगरानी को नियमित बनाने का सरल तरीका है।
- प्रत्येक पौधे में मोज़ेक, bushy growth, फूल और फलियों की स्थिति नोट करें।
- हर 5–7 दिन बाद उसी रास्ते से निरीक्षण दोहराएँ, खासकर जब नए संदिग्ध पौधे मिल रहे हों।
चरण 2: शुरुआती रोगी पौधे सावधानी से हटाएँ
TNAU शुरुआती अवस्था में, बुवाई के लगभग 40 दिन तक, संक्रमित पौधों को उखाड़कर खेत से हटाने की सलाह देता है। पौधा निकालते समय उसे स्वस्थ पौधों पर घसीटें नहीं। खेत के बाहर सुरक्षित तरीके से नष्ट करें और औजार साफ रखें। बहुत देर से पूरे खेत में व्यापक संक्रमण होने पर अंधाधुंध पौधे उखाड़ने से plant stand घट सकता है; ऐसी स्थिति में KVK की सलाह लेकर नुकसान का आकलन करें।
चरण 3: पुराने संक्रमण स्रोत हटाएँ
- कटाई के बाद तुअर के जीवित ठूंठ या ratoon पौधे न छोड़ें।
- मेड़ों और आसपास स्वयं उगे तुअर पौधों की जांच करें; रोगी दिखें तो हटाएँ।
- अगली बुवाई से पहले खेत और सीमा की volunteer plants सफाई करें।
- लगातार तुअर वाले खेतों में रोग इतिहास लिखकर रखें और crop rotation पर स्थानीय विशेषज्ञ से सलाह लें।
चरण 4: drainage और field operations संभालें
21 अगस्त 2026 को जारी IMD मध्य प्रदेश agromet bulletin ने 21–25 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर वर्षा और कहीं-कहीं भारी वर्षा की चेतावनी दी है। IMD ने दलहनी खेतों में निकास रखने तथा भारी वर्षा के समय fertilizer और pesticide application टालने की सलाह दी। जलभराव SMD का कारण नहीं है, लेकिन इससे जड़ रोग और पोषण लक्षण जुड़कर diagnosis कठिन हो सकता है। इसलिए पानी निकालें, पत्तियाँ सूखने और मौसम खुलने पर ही scouting करें।
चरण 5: किस्म का निर्णय अगली बुवाई से पहले करें
रोग इतिहास वाले खेत में केंद्रीय क्षेत्र के लिए अधिसूचित और स्थानीय रूप से अनुशंसित SMD-सहनशील या प्रतिरोधी किस्म को प्राथमिकता दें। ICAR–IIPR की variety list में कुछ pigeonpea entries को sterility mosaic के प्रति tolerant/resistant बताया गया है, लेकिन सभी किस्में हर जिले, अवधि और बाजार के लिए उपयुक्त नहीं होतीं। बीज खरीदने से पहले MP कृषि विभाग, JNKVV/KVK या अधिकृत बीज स्रोत से जिले के लिए suitability और notification जांचें। Smart Kisan पर अरहर की किस्मों की यह जानकारी चयन के शुरुआती संदर्भ के रूप में पढ़ सकते हैं, पर अंतिम निर्णय स्थानीय अनुशंसा से करें।
क्या acaricide या pesticide जरूरी है?
ICAR–IIPR के coordinated trials में propargite और fenazaquin जैसे acaricides से माइट और SMD incidence घटने के परिणाम दर्ज हैं। TNAU भी vector-management विकल्प बताता है। फिर भी research result को सीधे दुकान से खरीदे किसी भी formulation की खेत वाली मात्रा मानना सुरक्षित नहीं है। formulation concentration, तुअर पर label claim, target mite, पानी की मात्रा, spray equipment, प्रति क्षेत्र dose, पुनः प्रवेश अवधि और harvest से पहले प्रतीक्षा अवधि (PHI) अलग हो सकती है।
किसी उत्पाद का उपयोग केवल तभी करें जब उसके वर्तमान CIB&RC-approved label/leaflet पर pigeonpea/red gram + target mite + वही formulation स्पष्ट हो। label अस्पष्ट हो तो उत्पाद न चुनें। स्थानीय कृषि अधिकारी से पुष्टि करें, PPE पहनें, पहले jar compatibility check के बिना mixture न बनाएं और बारिश/तेज हवा में spray न करें। वायरस के लिए fungicide या antibiotic उपयोग न करें।
लेबल पढ़ते समय सात बातें
- फसल का नाम तुअर/अरहर है या नहीं।
- target pest में संबंधित mite लिखा है या नहीं।
- active ingredient और formulation प्रतिशत वही है या नहीं।
- प्रति hectare/acre उत्पाद मात्रा और पानी की मात्रा क्या है।
- फसल अवस्था और application interval क्या है।
- PHI, PPE, re-entry और toxicity warnings क्या हैं।
- batch number, expiry और registration वैध हैं या नहीं।
खरपतवार नियंत्रण करते समय herbicide injury से बचना भी जरूरी है। तुअर के लिए stage और crop-safety आधारित जानकारी हेतु Smart Kisan की तुअर में खरपतवार नियंत्रण गाइड देखें। गलत समय या drift से बनी पत्ती विकृति को SMD समझने की गलती हो सकती है।
कौन-सी गलतियाँ नुकसान बढ़ाती हैं?
- केवल पीलापन देखकर SMD घोषित कर देना।
- बांझ पौधे को अधिक यूरिया देकर ठीक करने की कोशिश करना।
- virus disease में fungicide से इलाज की उम्मीद करना।
- रोगी पौधे, पुराने ठूंठ और volunteer plants खेत में छोड़ना।
- research में बताए active ingredient को label देखे बिना किसी भी brand/formulation में उपयोग करना।
- बारिश से पहले spray करना या कई products का मनमाना tank mix बनाना।
- अगले मौसम के लिए बिना रोग इतिहास और क्षेत्रीय suitability देखे बीज चुनना।
एक सप्ताह की practical action plan
| दिन | काम | रिकॉर्ड |
|---|---|---|
| दिन 1 | पांच स्थानों पर 50 पौधों की scouting | संदिग्ध पौधे, खेत का हिस्सा, फोटो |
| दिन 2 | जड़/तना देखकर wilt, blight और जलभराव से अंतर | जड़ स्वस्थ/सड़ी, तना भूरा/साफ |
| दिन 3 | शुरुआती स्पष्ट रोगी पौधे सुरक्षित हटाना | हटाए पौधों की संख्या |
| दिन 4 | मेड़, ratoon और volunteer तुअर जांचना | संक्रमण स्रोत का स्थान |
| दिन 5 | KVK/कृषि अधिकारी को फोटो व इतिहास भेजना | मिली diagnosis/सलाह |
| दिन 7 | दोबारा उसी route पर scouting | नए मामलों की तुलना |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या स्टेरिलिटी मोज़ेक बीज से फैलता है?
खेत में प्रमुख प्रसार अत्यंत सूक्ष्म Aceria cajani माइट द्वारा संक्रमित से स्वस्थ पौधे तक माना जाता है। फिर भी प्रमाणित, क्षेत्र के लिए उपयुक्त और रोग-सहनशील बीज चुनना जरूरी है, क्योंकि इससे varietal resistance और seed quality सुनिश्चित होती है।
क्या रोगी पौधा दोबारा फूल दे सकता है?
पूर्ण बांझपन वाले पौधे से खो चुकी उपज वापस मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। हल्के या देर से संक्रमण में कुछ शाखाएँ फलियाँ दे सकती हैं, पर निर्णय पौधे और पूरे field stand देखकर लें।
क्या पीली पत्ती का मतलब यही रोग है?
नहीं। जलभराव, nutrient deficiency, जड़ रोग, herbicide injury और अन्य virus भी पीलापन दे सकते हैं। SMD में mosaic के साथ bushy growth और फूलों की कमी का संयोजन अधिक उपयोगी संकेत है।
क्या fungicide छिड़कने से SMD ठीक होगा?
नहीं। यह virus disease है, फफूंद रोग नहीं। Fungicide तभी उपयोगी है जब अलग fungal disease की पुष्टि और उस फसल-समस्या पर label claim हो।
अगले मौसम में सबसे महत्वपूर्ण बचाव क्या है?
पुराने संक्रमित ठूंठ व volunteer plants हटाना, समय पर बुवाई, स्थानीय अनुशंसित tolerant/resistant variety, नियमित scouting और label-verified mite management को एक साथ अपनाना सबसे व्यावहारिक रणनीति है।
निष्कर्ष
तुअर का स्टेरिलिटी मोज़ेक रोग “ज्यादा खाद” या मनमानी दवा से ठीक होने वाली समस्या नहीं है। झाड़ीनुमा वृद्धि, पत्ती मोज़ेक और फूल-फलियों की कमी को साथ देखकर पहचानें। शुरुआती रोगी पौधों तथा ratoon/volunteer स्रोतों को हटाएँ, जलनिकास रखें, रिकॉर्ड आधारित scouting करें और माइट नियंत्रण का निर्णय केवल फसल-विशिष्ट approved label के आधार पर लें। समय पर सही diagnosis ही अनावश्यक लागत और अगले खेत तक रोग फैलने का जोखिम घटाता है।
स्रोत और संदर्भ
- TNAU Agritech Portal — Redgram Sterility Mosaic Disease
- ICAR–Indian Institute of Pulses Research — AICRP on Kharif Pulses (पृष्ठ 13 अगस्त 2026 को updated)
- ICAR — Pigeonpea SMD resistance gene update, 14 अगस्त 2026
- IMD Bhopal — मध्य प्रदेश Agromet Advisory Bulletin 67/2026, जारी 21 अगस्त 2026







