भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जुलाई महीने के लिए मौसम का ताजा अपडेट जारी कर दिया है। खेती-किसानी के नजरिए से यह महीना सबसे अहम होता है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई और वृद्धि इसी दौरान होती है। इस बार का जुलाई 2026 मौसम पूर्वानुमान कुछ ऐसी जानकारी लेकर आया है, जिस पर हर किसान को ध्यान देना चाहिए। (अधिक जानकारी के लिए मध्य प्रदेश मानसून की जानकारी पढ़ें)
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जुलाई में देश के ज्यादातर हिस्सों में औसत से कम बारिश होने की आशंका है। इसके साथ ही तापमान भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। ऐसे मौसम में फसलों को सुरक्षित रखने और अच्छी पैदावार लेने के लिए सही रणनीति अपनाना बहुत जरूरी है।
जुलाई 2026 मौसम पूर्वानुमान: किसानों के लिए 10 महत्वपूर्ण कृषि सलाह
जुलाई 2026 का मौसम कैसा रहेगा? (IMD अपडेट)
मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई 2026 में पूरे देश में बारिश का औसत लंबी अवधि के औसत (LPA) के 94% से भी कम रह सकता है। हालांकि, मौसम का यह मिजाज हर जगह एक जैसा नहीं रहेगा।
- कम बारिश वाले क्षेत्र: देश के अधिकांश मध्य और प्रायद्वीपीय हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है।
- सामान्य या अधिक बारिश: उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों (जैसे यूपी, बिहार, गुजरात के कुछ इलाके) में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।
- तापमान और उमस: बारिश कम होने और तापमान बढ़ने से खेतों में नमी की कमी हो सकती है और उमस का असर फसलों के साथ-साथ पशुओं पर भी पड़ेगा।
किसानों के लिए 10 सबसे जरूरी कृषि सलाह
इस बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए, किसानों को अपनी खेती के तरीकों में कुछ बदलाव करने होंगे। यहाँ 10 महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए हैं:
1. सिंचाई का सही प्रबंधन करें
कम बारिश की स्थिति में पानी की एक-एक बूंद कीमती है। खेतों में ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) या स्प्रिंकलर सिस्टम का इस्तेमाल करें। इससे पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचता है और पानी की बर्बादी नहीं होती।
2. सूखे को सहने वाली किस्मों का चयन
अगर आपने अभी तक बुवाई नहीं की है, तो फसलों की ऐसी किस्मों (Varieties) का चुनाव करें जो कम पानी और अधिक तापमान में भी अच्छी पैदावार दे सकें। धान, मक्का या दलहन की कम अवधि वाली किस्में लगाना बेहतर रहेगा।
3. मल्चिंग (Mulching) का उपयोग
मिट्टी की नमी को उड़ने से बचाने के लिए मल्चिंग बहुत कारगर है। सूखी घास, पराली या प्लास्टिक मल्च का उपयोग करके मिट्टी को ढक दें। इससे खेतों में नमी लंबे समय तक बनी रहेगी और बार-बार सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी।
4. जल निकासी (Drainage) की व्यवस्था
जिन इलाकों (जैसे गुजरात, कोंकण, पूर्वी भारत) में मौसम विभाग ने भारी बारिश या आंधी-तूफान का अलर्ट दिया है, वहां खेतों में जलभराव से बचें। पानी रुकने से फसलों की जड़ें गल सकती हैं। खेतों के चारों ओर नालियां बनाकर अतिरिक्त पानी निकालने का रास्ता तैयार रखें। भारी बारिश में खेती की सावधानियां अपनाना इस समय बहुत आवश्यक है।
5. खरपतवार नियंत्रण पर ध्यान दें
खेत में उगने वाले अनचाहे पौधे (खरपतवार) मुख्य फसल के हिस्से का पानी और पोषक तत्व सोख लेते हैं। कम बारिश वाले मौसम में इन्हें तुरंत खेत से बाहर निकालें, ताकि आपकी फसल को पूरा पोषण मिल सके। (जानें: सोयाबीन में खरपतवार नियंत्रण कैसे करें)
6. उर्वरकों का संतुलित उपयोग
तापमान अधिक होने पर यूरिया (नाइट्रोजन) का इस्तेमाल सावधानी से करें। अधिक यूरिया डालने से पौधों को पानी की ज्यादा जरूरत होती है। इसकी जगह पोटाश और फॉस्फोरस का संतुलित मात्रा में इस्तेमाल करें, जो पौधों को सूखे से लड़ने की ताकत देते हैं। इसके साथ ही धान में पहली खाद और पानी प्रबंधन का सही तरीका भी अपनाएं।
7. कीट और बीमारियों से बचाव
जब तापमान अधिक होता है और उमस बढ़ती है, तो फसलों में रस चूसने वाले कीटों (जैसे सफेद मक्खी, माहू) और फफूंद जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करें और जरूरत पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह से उचित कीटनाशक का छिड़काव करें।
8. मिट्टी की गहरी जुताई से बचें
इस समय मिट्टी की ज्यादा गहरी जुताई करने से बचें, क्योंकि ऐसा करने से जमीन के अंदर मौजूद नमी तेजी से वाष्पीकृत होकर उड़ जाती है। हल्की जुताई या जीरो टिलेज (Zero Tillage) तकनीक का सहारा लें।
9. पशुओं को गर्मी से बचाएं
पशुपालन करने वाले किसान अपने जानवरों को सीधी धूप से बचाएं। पशुओं को छायादार जगह पर बांधें और दिन में कई बार पीने के लिए साफ पानी दें। उनके बाड़े में हवा का सही प्रवाह सुनिश्चित करें।
10. मौसम के अपडेट्स के साथ जुड़े रहें
मानसून का मिजाज तेजी से बदलता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की वेबसाइट या कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) से मिलने वाले स्थानीय मौसम पूर्वानुमानों पर लगातार नजर रखें। आप हमारा मध्य भारत मौसम अपडेट भी नियमित रूप से चेक कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. जुलाई 2026 में भारत में मौसम कैसा रहने वाला है?
IMD के जुलाई 2026 मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, देश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने और तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में अच्छी बारिश हो सकती है।
2. कम बारिश होने पर किसानों को क्या करना चाहिए?
किसानों को ड्रिप या स्प्रिंकलर सिंचाई अपनानी चाहिए, मल्चिंग का इस्तेमाल करना चाहिए और कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की बुवाई को प्राथमिकता देनी चाहिए।
3. क्या इस साल जुलाई में बाढ़ का खतरा है?
हां, भले ही देश के कई हिस्सों में बारिश कम हो, लेकिन गुजरात, कोंकण, असम, बिहार और यूपी के कुछ हिस्सों में अचानक भारी बारिश (Extreme rainfall) और आंधी-तूफान का अलर्ट है, जिससे जलभराव हो सकता है।
4. जुलाई महीने में कौन सी फसलों की बुवाई की जा सकती है?
इस महीने धान की रोपाई के अलावा मक्का, बाजरा, ज्वार, अरहर, उड़द, मूंग और सोयाबीन जैसी खरीफ फसलों की बुवाई की जाती है। पूरी लिस्ट के लिए जुलाई में बोई जाने वाली फसलें जरूर देखें।
5. गर्मी और उमस से फसलों को कैसे बचाएं?
खेतों में हल्की नमी बनाए रखें, नाइट्रोजन वाले खादों का प्रयोग कम करें और कीटों की निगरानी करते रहें, क्योंकि उमस भरे मौसम में कीटों का हमला तेज हो जाता है।












