खेती-किसानी में सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है खेत की मेड़ (Boundaries) पर उगी जिद्दी घास। यह घास न सिर्फ फसल के पोषक तत्व खींचती है, बल्कि कई तरह के हानिकारक कीटों को भी पनाह देती है।
मजदूरों से मेड़ की सफाई करवाना काफी खर्चीला और समय लेने वाला काम होता है। इसके अलावा, हसिए या मशीन से काटने पर घास कुछ ही दिनों में फिर से हरी हो जाती है।
ऐसे में किसान भाई एक स्थायी और असरदार तरीके की तलाश में रहते हैं। अगर आप भी इस समस्या का पक्का इलाज चाहते हैं, तो Glyphosate 41% SL और 2,4-D 58% SL का सही इस्तेमाल आपकी परेशानी खत्म कर सकता है। आइए जानते हैं कि ये दवाएं कैसे काम करती हैं और इनका उपयोग कैसे करना है।
Glyphosate 41% SL और 2,4-D 58% SL क्या हैं?
मेड़ की घास को पूरी तरह से सुखाने के लिए किसान अक्सर इन दो प्रमुख खरपतवार नाशकों (Herbicides) का उपयोग करते हैं। इन दोनों दवाओं का काम करने का तरीका अलग है।
जब इन दोनों को मिलाकर खाली जगह या मेड़ पर स्प्रे किया जाता है, तो यह हर तरह की घास का सफाया कर देती हैं।
Glyphosate 41% SL के फायदे
यह एक ‘नॉन-सिलेक्टिव सिस्टमिक हर्बिसाइड’ है। इसका मतलब है कि यह जिस भी पौधे पर पड़ता है, उसे पूरी तरह से खत्म कर देता है।
- जड़ से असर: यह दवा पत्तों के जरिए पौधे के अंदर जाती है और सीधा जड़ों को सुखा देती है।
- सभी तरह की घास पर काम: यह सकरी और चौड़ी पत्ती वाली लगभग हर घास को मार गिराती है।
- लंबे समय तक राहत: इसके स्प्रे के बाद घास को दोबारा उगने में काफी लंबा समय लगता है।
2,4-D 58% SL के फायदे
यह एक ‘सिलेक्टिव हर्बिसाइड’ है, जो मुख्य रूप से चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को नष्ट करने के लिए जानी जाती है।
- चौड़ी पत्ती पर कड़ा प्रहार: गाजर घास, बथुआ, और पत्थरचट्टा जैसी जिद्दी घास इसके आगे नहीं टिक पाती।
- हार्मोन्स में बदलाव: यह दवा घास के प्राकृतिक विकास को बिगाड़ देती है, जिससे पौधा जल्दी मर जाता है।
- सस्ती और असरदार: यह बाजार में आसानी से और कम कीमत में मिल जाती है।
दोनों दवाओं को मिलाकर स्प्रे करने का सही तरीका
मेड़ की घास को एक ही बार में साफ करने के लिए इन दोनों दवाओं का सही मिश्रण बहुत जरूरी है। गलत मात्रा से दवा का असर कम हो सकता है।
15 लीटर स्प्रे पंप के लिए सही मात्रा:
- Glyphosate 41% SL: 100 से 150 ML (घास की कठोरता के अनुसार)।
- 2,4-D 58% SL: 30 से 40 ML।
- चिपको (Spreader): 5 से 10 ML (यह दवा को पत्तों पर चिपकाने में मदद करता है)।
पंप में आधा पानी भरें, फिर दोनों दवाएं डालकर अच्छे से मिलाएं। इसके बाद पंप को पानी से पूरा भर लें और स्प्रे करें।
स्प्रे करते समय ध्यान रखने योग्य सावधानियां
खरपतवार नाशक रसायनों का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। इसलिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
- हवा का रुख देखें: स्प्रे हमेशा हवा की दिशा में करें। तेज हवा चलने पर स्प्रे बिल्कुल न करें, वरना दवा उड़कर मुख्य फसल को नुकसान पहुंचा सकती है।
- फसल को बचाएं: Glyphosate हर तरह के पौधे को सुखा देता है। इसलिए ध्यान रखें कि दवा की एक भी बूंद आपकी बोई हुई फसल पर न गिरे।
- नमी जरूरी है: स्प्रे करते समय मिट्टी में हल्की नमी होनी चाहिए। इससे दवा का असर तेज और गहरा होता है।
- सुरक्षा किट पहनें: स्प्रे के समय मास्क, चश्मा, और दस्ताने जरूर पहनें ताकि केमिकल शरीर को नुकसान न पहुंचाए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या Glyphosate 41% SL और 2,4-D 58% SL का स्प्रे खड़ी फसल के बीच कर सकते हैं?
नहीं, बिल्कुल नहीं। Glyphosate एक नॉन-सिलेक्टिव दवा है। अगर यह फसल के पत्तों पर गिर गई, तो आपकी पूरी फसल सूख जाएगी। इसका उपयोग केवल खाली खेत, मेड़, या रास्ते की घास मारने के लिए करें।
Q2. मेड़ पर दवा स्प्रे करने के कितने दिन बाद घास पूरी तरह सूख जाती है?
आमतौर पर दवा का असर 3 से 4 दिन में दिखना शुरू हो जाता है। 8 से 10 दिनों के अंदर मेड़ की घास जड़ से पूरी तरह सूख कर पीली पड़ जाती है।
Q3. अगर स्प्रे करने के तुरंत बाद बारिश हो जाए तो क्या होगा?
दवा को अपना काम शुरू करने के लिए कम से कम 4 से 6 घंटे का सूखा मौसम चाहिए होता है। अगर स्प्रे के 2 घंटे के भीतर तेज बारिश हो जाती है, तो दवा धुल सकती है और आपको दोबारा स्प्रे करना पड़ सकता है।
Q4. क्या इन दवाओं को किसी भी कीटनाशक के साथ मिलाया जा सकता है?
नहीं। खरपतवार नाशक दवाओं को कभी भी कीटनाशक (Insecticides) या फफूंदनाशक (Fungicides) के साथ मिलाकर स्प्रे नहीं करना चाहिए। इससे दवा फट सकती है और फसल को नुकसान हो सकता है।












