किसान भाइयों, सोयाबीन की फसल जब फलियों की अवस्था में आती है, तो सबसे बड़ी चिंता सही दाना भराव की होती है। कई बार फसल बाहर से बहुत अच्छी और हरी-भरी दिखती है, लेकिन अंदर से फलियां चपटी और खाली रह जाती हैं।
इस समस्या के कारण सीधे तौर पर पैदावार में भारी कमी आती है। आइए समझते हैं कि आखिर सोयाबीन की फलियां खाली क्यों रह जाती हैं और दाना भराव (Pod filling) को बढ़ाने के सबसे कारगर तरीके कौन से हैं।
सोयाबीन की फलियां खाली रहने के मुख्य कारण
खेत में पौधे स्वस्थ होने के बावजूद फलियों का खाली रहना कोई आम बात नहीं है। इसके पीछे मुख्य रूप से ये 3 कारण होते हैं:
- पोषक तत्वों की भारी कमी: दाना बनते समय पौधे को सबसे ज्यादा पोटाश और बोरॉन की जरूरत होती है। मिट्टी में इनकी कमी होने से दाना पूरा नहीं बन पाता और पिचक जाता है।
- तापमान और नमी का तनाव: फूल और फलियां बनते समय खेत में अचानक सूखा पड़ने या तापमान बहुत ज्यादा बढ़ने से फलियों का विकास रुक जाता है।
- हानिकारक कीटों का हमला: इल्ली (Pod Borer) और रस चूसक कीट फलियों का रस चूस लेते हैं। इसके कारण फलियां तो दिखती हैं, लेकिन उनके अंदर दाना नहीं बन पाता।
सोयाबीन में दाना भराव (Pod Filling) बढ़ाने के पक्के उपाय
अगर आप चाहते हैं कि हर फली में 3 से 4 मोटे और चमकदार दाने आएं, तो आपको सही समय पर कुछ जरूरी कदम उठाने होंगे।
1. सही एनपीके (NPK) स्प्रे का उपयोग
जब फसल में 50-60% फलियां बन जाएं, तो उस समय नाइट्रोजन की नहीं बल्कि फॉस्फोरस और पोटाश की जरूरत होती है। इस अवस्था में NPK 00:52:34 का स्प्रे करें। अगर फलियां पूरी तरह बन चुकी हैं और सिर्फ दाना फूलना बाकी है, तो NPK 00:00:50 का छिड़काव करें। इससे दाने का आकार और वजन तेजी से बढ़ता है।
2. बोरॉन का इस्तेमाल
बोरॉन एक ऐसा सूक्ष्म पोषक तत्व है जो फलियों के अंदर दाने के सही विकास में मदद करता है। आप बोरॉन 20% का छिड़काव NPK खाद के साथ मिलाकर कर सकते हैं। यह फलियों को झड़ने से भी रोकता है।
3. जैविक खाद और टॉनिक का प्रयोग
अगर आप नेचुरल फार्मिंग पर जोर देते हैं, तो मिट्टी की ताकत बढ़ाने के लिए जीवामृत का उपयोग बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा, सरसों की खली के अर्क का प्रयोग भी पौधों को जरूरी माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स देता है, जिससे फसल में हरापन और फलियों में मजबूती आती है।
4. खेत में नमी बनाए रखना
दाना भराव के समय पौधे को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। इस अवस्था में खेत में हल्की नमी होना बहुत जरूरी है। अगर लंबे समय तक बारिश न हो, तो आवश्यकतानुसार स्प्रिंकलर या ड्रिप से हल्की सिंचाई जरूर करें।
5. समय पर कीट नियंत्रण
रस चूसक कीटों और इल्लियों से फसल को बचाना बहुत जरूरी है। इसके लिए सही कीटनाशक का चुनाव करें। आप अपने क्षेत्र के कृषि विशेषज्ञ की सलाह से अच्छी गुणवत्ता वाले कीटनाशक का छिड़काव कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. सोयाबीन में दाना भरते समय कौन सा स्प्रे करें?
दाना भराव की अवस्था में सबसे अच्छा रिजल्ट NPK 00:52:34 (अगर फलियां बन रही हैं) या NPK 00:00:50 (अगर दाना मोटा करना है) का आता है। इसके साथ आप बोरॉन मिला सकते हैं।
Q2. क्या पोटाश डालने से सोयाबीन का दाना मोटा होता है?
हां, पोटाश का मुख्य काम ही दाने को चमकदार, मोटा और वजनदार बनाना है। पोटाश की कमी से ही दाने सिकुड़ जाते हैं।
Q3. सोयाबीन की फलियां पीली होकर क्यों गिर रही हैं?
खेत में जलभराव, फंगस का अटैक या फिर पोषक तत्वों (विशेषकर सल्फर और बोरॉन) की कमी से फलियां समय से पहले पीली होकर गिरने लगती हैं।







